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ब्राह्मी


ब्राह्मी वटी तनाव से छुटकारा दिलाने में मदद करती है, सांसों की बीमारी, विष के प्रभाव को ठीक करती है। इसके साथ ही यह रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करती है। यह मष्तिस्क तथा स्मरण शक्ति को स्वस्थ बनाती है।


ब्राह्मी वटी के फायदे

आप ब्राह्मी वटी का प्रयोग कई रोगों को ठीक करने के लिए कर सकते हैं, जो ये हैंः-


ब्राह्मी वटी का सेवन याद्दाश्त बढ़ाने के लिए फायदेमंद

ब्राह्मी वटी के सेवन से मस्तिष्क की दुर्बलता एवं मस्तिष्क संबंधी सभी विकार नष्ट होते हैं। ब्राह्मी वटी स्मरण शक्ति एवं बुद्धि को भी बढ़ाती है। मस्तिष्क संबंधी कार्य अधिक करने वाले लोगों जैसे- विद्यार्थी, अध्यापक आदि को ब्राह्मी वटी का सेवन जरूर करना चाहिए।


ह्रदय रोगों में फायदेमंद ब्राह्मी वटी का प्रयोग

कई लोगों को ह्रदय संबंधी विकार होते रहते हैं। ऐसे लोगों के लिए ब्राह्मी वटी का सेवन रोज करना चाहिए। इससे वातनाड़ियों तथा हृदय से संबंधित रोग तुरंत ठीक हो जाते हैं।


अनिद्रा की परेशानी में ब्राह्मी वटी का उपयोग लाभदायक

जो मरीज नींद ना आने की परेशानी से ग्रस्त हैं उनको ब्राह्मी वटी का प्रयोग करना चाहिए। इसके लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से ब्राह्मी वटी के इस्तेमाल की जानकारी जरूर लें।


हिस्टीरिया में फायदेमंद ब्राह्मी का इस्तेमाल

ब्राह्मी वटी हिस्टीरिया में लाभदायक साबित होती है। हिस्टीरिया से ग्रस्त मरीज ब्राह्मी वटी के उपयोग से लाभ पा सकते हैं।


मूर्च्छा या मिर्गी में करें ब्राह्मी वटी का सेवन

जो रोगी बार-बार बेहोश हो जाते हैं या जिनको मिर्गी आती है उन्हें ब्राह्मी वटी का सेवन करना चाहिए। इसके साथ–साथ सुबह–शाम ब्राह्मी घी 3-6 माशे तक दूध में मिलाकर पीना चाहिए। भोजन के बाद सारस्वतारिष्ट भी पीना चाहिए। इससे बहुत लाभ होता है।


स्नायु तंत्र को स्वस्थ बनाती है ब्राह्मी वटी

ब्राह्मी मानव स्नायु तंत्र के लिए टॉनिक का काम करती है। यह मस्तिष्क को शांति प्रदान करने के अलावा स्नायु कोषों का पोषण भी करती है, ताकि आपको स्फूर्ति मिले।


उच्च रक्तचाप (हाई ब्लडप्रेशर) में फायदा पहुंचाती है ब्राह्मी वटी

हाई ब्लडप्रेशर आज आम बीमारी हो गई है। अनेकों लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। इसमें ब्राह्मी वटी का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है।


डायबिटीज में फायदेमंद ब्राह्मी वटी का इस्तेमाल

आज डायबिटीज घर-घर की बीमारी बन चुकी है। ऐलोपैथिक तरीकों के अलावा आप ब्राह्मी वटी का प्रयोग कर भी डायबिटीज में लाभ पा सकते हैं।


ब्राह्मी वटी के सेवन से खांसी का इलाज

अगर आप खांसी से पीड़ित हैं और आयुर्वेदिक तरीके से खांसी को ठीक करना चाहते हैं तो ब्राह्मी वटी का सेवन करना आपके लिए बहुत ही फायदेमंद है।


ब्राह्मी वटी से नुकसान

ब्राह्मी वटी के अधिक सेवन से ये नुकसान भी हो सकते हैंः-

  • भूख में कमी

  • सिर दर्द की परेशानी

  • घबराहट

  • चक्कर आना

  • त्वचा का लाल होना (चकत्ते होना)

  • अवसाद

  • बेहोशी

इसलिए ब्राह्मी वटी का सेवन किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक के दिशा-निर्देश में ही करना चाहिए।


ब्राह्मी वटी की खुराक

ब्राह्मी वटी का खुराक ये हैः-

250 – मिलीग्राम

अनुपान – गुलकन्द, दूध, मधु, मक्खन, आँवले का मुरब्बा, ब्राह्मी, शर्बत।


आयुर्वेद में ब्राह्मी वटी के बारे में उल्लेख

आयुर्वेद के अनुसार, ब्राह्मी वटी स्वाद में कसैली, तीखी व ठंडी तासीर वाली बूटी है। यह बल बढ़ाने वाली, त्रिदोष का नाश करने वाली वटी है। ब्राह्मी वटी आयु बढ़ाने वाली, प्रसूति महिलाओं के स्तनों के दूध को बढ़ाने वाली तथा मस्तिष्क को शांति देने वाली है। यह जन्मजात तुतलाहट की बीमारी में भी ब्राह्मी लाभप्रद है। महर्षि चरक ने ब्राह्मी को मनुष्य रोगों को ठीक करने वाली एक अचूक औषधि बताया है।


Brahmi

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